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Rajyog

Editionfirst

Swami Vivekanand

$38.95   $33.04

Paperback

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QTY:

Hindi
Swan Books
18 August 2024
राजयोग स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित एक उत्कृष्ट ग्रंथ है, जो योग के गूढ़ रहस्यों और उनकी व्यावहारिकता को सरल और व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक ""पतंजलि योगसूत्र"" पर आधारित है और राजयोग को मन और आत्मा पर नियंत्रण का विज्ञान मानती है। स्वामी विवेकानंद ने इसे योग का वह मार्ग बताया है, जो साधक को आत्म-साक्षात्कार और ईश्वर की अनुभूति की ओर ले जाता है।इस ग्रंथ में योग के आठ अंगों - यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, और समाधि - की व्याख्या की गई है। राजयोग मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि पर बल देता है, जिससे साधक आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचान सके। यह सिखाता है कि ध्यान और ध्यान के माध्यम से मन की चंचलता पर विजय प्राप्त कर आत्मा के साथ एकत्व स्थापित किया जा सकता है।स्वामी विवेकानंद ने इस पुस्तक में योग को धर्म, जाति, और परंपरा से परे एक सार्वभौमिक विधा के रूप में प्रस्तुत किया है। राजयोग उन सभी के लिए प्रेरणादायक है जो मानसिक शांति, आंतरिक शक्ति, और आध्यात्मिक उन्नति की खोज कर रहे हैं। यह पुस्तक योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है।
By:  
Imprint:   Swan Books
Dimensions:   Height: 216mm,  Width: 140mm,  Spine: 11mm
Weight:   231g
ISBN:   9789361915123
ISBN 10:   9361915126
Pages:   194
Publication Date:  
Recommended Age:   From 0 to 12 years
Format:   Paperback
Publisher's Status:   Active

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