कल्पना की कोई सीमा नहीं होती, और जब यह शब्दों के माध्यम से पन्नों पर उतरती है, तो जन्म लेती है-'कल्पनाओं का प्रवाह'। यह पुस्तक एक आइना है, जिसमें आप अपनी ही दबी हुई इच्छाओं और ख्यालों की प्रतिध्वनि सुन पाएंगे। सरल भाषा और मर्मस्पर्शी भावों से सजी यह कृति हर उस पाठक के लिए है जो जिंदगी को केवल जीना नहीं, बल्कि महसूस करना चाहता है।