यह पुस्तक, ""नक्षत्र वन उपासना तथा वैदिक पद्धति,"" ज्योतिष और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक मार्गदर्शिका है। यह वैदिक ज्ञान को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है और नक्षत्र वन के प्राकृतिक सौंदर्य और उसके पीछे की जानकारी के बारे में विस्तार से बताती है। यह पुस्तक नक्षत्र वन की यात्रा को प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बनाती है, और इसके माध्यम से ध्यान, आत्म-चिंतन और ब्रह्मांड से जुड़ने में मदद करती है।
विस्तार से -वैदिक ज्ञान का परिचय - पुस्तक वैदिक ज्ञान को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है, जिससे यह ज्योतिष में रुचि रखने वाले लोगों और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए सुलभ हो जाती है। नक्षत्र वन का प्राकृतिक सौंदर्य - यह पुस्तक नक्षत्र वन के प्राकृतिक सौंदर्य को उजागर करती है, जिससे पाठक इसकी सुंदरता का अनुभव कर सकते हैं। जानकारी का विस्तार - पुस्तक नक्षत्र वन के पीछे की जानकारी को विस्तार से बताती है, जिससे पाठकों को इसकी गहराई और जटिलता का पता चलता है। प्रेरणा और चिंतन - नक्षत्र वन की यात्रा को पुस्तक प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बनाती है, जिससे पाठक अपने जीवन में नई दिशा पा सकते हैं। ध्यान और आत्म-चिंतन - पुस्तक ध्यान और आत्म-चिंतन को प्रोत्साहित करती है, जिससे पाठक अपने अंदर की आवाज को सुन सकते हैं और ब्रह्मांड से जुड़ सकते हैं। ब्रह्मांड से जुड़ना - नक्षत्र वन के माध्यम से ब्रह्मांड से जुड़ने का अवसर प्रदान करके, पुस्तक पाठकों को एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती है।
By:
Sadhvi Hemswaroopa Imprint: Devotees of Sri Sri Ravi Shankar Ashram Dimensions:
Height: 229mm,
Width: 152mm,
Spine: 6mm
Weight: 159g ISBN:9789348012180 ISBN 10: 9348012185 Pages: 110 Publication Date:26 February 2025 Audience:
General/trade
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ELT Advanced
Format:Paperback Publisher's Status: Active
Hemswaroopa based in Gujarat is established in the gurukul tradition of Adi Shankaracharya. She practices a Sattvic lifestyle of Meditation & Satsang and teaches Vedantic Scriptures.